गली-कूंचों में गूंजीं 'या हुसैन' और 'या कासिम' की सदाएं
वाराणसी, जून 24 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। शहर के कई इलाके मंगलवार को सातवीं मोहर्रम पर कर्बला के शहीदों के गम में डूबे रहे। 'या हुसैन', 'या अब्बास' और 'या कासिम' की सदाएं गली-कूचों में गूंजती रहीं। अर्दली बाजार, दोषीपुरा सहित कई मुस्लिम बहुल इलाकों में अजादारों ने दुलदुल और अलम का जुलूस निकाला। अंजुमनों ने नौहाख्वानी की गई। सातवीं मोहर्रम का पहला पारंपरिक जुलूस चौहट्टा से जस्टिस सर फजल-ए-अली के आवास से निकला। अंजुमन आबिदिया के नौजवानों ने सीनाजनी कर मातमपुर्सी की। मुख्य जुलूस चौहट्टा क्षेत्र में अंजुमन आबिदिया के कदीमी इमामबाड़े से निकला। पारंपरिक रास्तों से होते हुए यह लाट सरैया स्थित सदर इमामबाड़ा तक गया। यह भी पढ़ें- हक के लिए सिर कटाने का नाम है इस्लाम: हैदर मेंहदी अजादारों के हुजूम ने मातम किया। दोषीपुरा में मेहंदी का कदीमी जुलूस...
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