हमीरपुर, जून 22 -- हमीरपुर, संवाददाता। जनपद में संचालित ज्यादातर कोचिंग सेंटर गली-कूंचों में नियमों को ताक में रखकर संचालित किए जा रहे हैं। इसके पीछे संचालकों की मंशा शिक्षा विभाग की नजरों से बचना है। ऐसे में कभी कोई हादसा होने की स्थिति में कोचिंग में पढ़ने वालों की जान बचाना मुश्किल साबित हो सकता है। किसी भी कोचिंग सेंटर में आगजनी से निपटने के कोई इंतजाम नहीं है। फर्नीचर के नाम पर प्लाई की बनी मेज-कुर्सियां हैं। वायरिंग भी अस्त-व्यस्त पड़ी हुई है। लखनऊ में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में लगी आग में 13 से अधिक छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। अभी भी कई छात्र जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। कोचिंग संचालकों द्वारा नियमों की अनदेखी करके बच्चों को पढ़ाने के बढ़ते ट्रेंड को लेकर आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने सोमवार को शहर के कोचिंग सेंटरों की पड़ताल की। ज्...