मेरठ, मार्च 3 -- हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में अष्टान्हिका महोत्सव पर चल रहे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के छठें दिन सोमवार को सर्वप्रथम जाप अनुष्ठान व मुख्य वेदी में अभिषेक तथा शांतिधारा की गई। शांतिधारा प्रवीण जैन,, नीता जैन, आकिंचन जैन, परवि जैन, अन्मय जैन, मायरा जैन आदि ने की। सहस्त्र नाम विधान के 1024 भगवंतों के अर्घ्य मांडले पर समर्पित किए गए। राजेंद्र जैन, प्रवीण जैन आदि द्वारा मांडले पर अर्घ्य समर्पित कर पुण्य का संचय किया। विधान की समस्त क्रियाएं विधानाचार्य पं आशीष जैन शास्त्री ने संपन्न कराई। आचार्य विमर्श सागर महाराज ने कहा कि यह शाश्वत पर्व आत्मशुद्धि पुण्य संचय और नंदीश्वर द्वीप की विशेष आराधना का समय है। यदि धर्म को सच्ची भावना से किया जाए तो ही जीवन में उन्नति संभव है और आराधना हमेशा ध्यानपूर्वक होनी चाहिए। आच...