नई दिल्ली, फरवरी 1 -- वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को घर की ऊर्जा का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है। अगर फ्लैट का मेन डोर गलत दिशा में है (जैसे दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम में), तो इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है, जिससे परिवार में तनाव, आर्थिक परेशानी, स्वास्थ्य समस्या और तरक्की में रुकावट आ सकती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि वास्तु के कुछ सरल और प्रभावी उपायों से इस दोष को दूर किया जा सकता है। इन उपायों से मुख्य द्वार की दिशा दोष को संतुलित कर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाया जा सकता है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में विस्तार से।मुख्य द्वार के दिशा दोष के नुकसान वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार अगर दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम में हो, तो यम और नैऋत्य दिशा का प्रभाव बढ़ता है, जिससे आर्थिक हानि, स्वास्थ्य में गिरावट और पारिवारिक ...