हाथरस, नवम्बर 18 -- सासनी। गांव जरैया में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान कथा प्रवक्ता ब्रज रसिक राजेन्द्रानद महाराज ने पुण्य पाप की रोचक कथा सुनाई और गलती होने पर प्रायश्चित करने पर जोर दिया। सोमवार को कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। कथा व्यास ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। इस दौरान तमाम भक्त मौजूद थे।
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