लखनऊ, अगस्त 21 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश जल निगम की वर्ष 2013 में जूनियर इंजीनियर भर्ती में नियुक्त सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के विरुद्ध पारित बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में हुई गलती का खामियाजा उन कर्मचारियों को नहीं भुगतने दिया जा सकता, जिनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी ने स्वीकृत पदों पर नियमित चयन प्रक्रिया के बाद की थी। जिन पर किसी प्रकार की धोखाधड़ी, गलत बयानी या हेरफेर का आरोप भी नहीं था। न्यायालय ने यह भी कहा कि आरक्षण व्यवस्था को लागू करना अनिवार्य है, लेकिन आरक्षण सुधारने के नाम पर ऐसी प्रक्रिया नहीं अपनाई जा सकती जो कानून और मूल चयन प्रक्रिया के विपरीत हो। इसके साथ ही न्यायालय ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के 28 जनवरी 2014 के आदेश को भी अधिकार क्षेत्र से...