बिलासपुर, अप्रैल 9 -- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि वकीलों की लापरवाही या चूक के कारण मुकदमा लड़ने वालों को परेशानी या नुकसान नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि जब कोई पक्षकार वकील नियुक्त कर देता है, तो वह यह मानकर चलता है कि उसका मामला सही तरीके से पेश किया जाएगा। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने यह टिप्पणी एक ऐसे मामले में की, जिसमें जमीन के विवाद में फंसे कुछ लोग अपना केस ठीक से लड़ नहीं पाए, क्योंकि उनके वकील ने उन्हें ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही के बारे में ठीक से जानकारी नहीं दी थी। जिसके कारण वो नियत समय के अंदर फैसले के खिलाफ याचिका नहीं लगा पाए थे, वहीं जब उन्होंने याचिका लगाई तो निर्धारित समयसीमा गुजरने की बात कहते हुए अदालत ने उनकी अपील को ठुकरा दिया था। जिसके बाद हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए ...
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