हमीरपुर, दिसम्बर 1 -- मौदहा। क्षेत्र के ग्राम इचौली स्थित मढ़ली माई मंदिर प्रांगण में शतचंडी महायज्ञ में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास पं.यतेन्द्र पाठक ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। कथाव्यास ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। यज्ञाचार्य पं.अमित मिश्रा, यज्ञ के ब्रह्मा पं.शोभित तिवारी, पत्राचार पं.अजय तिवारी, पं.प्रसू तिवारी. पं.विजय द्विवेदी, राजा...
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