लखनऊ, सितम्बर 3 -- एक जेई को गलत सजा देना और कोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद हीलाहवाली करना बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को भारी पड़ गया। कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना करने पर अमौसी जोन के चीफ इंजीनियर रामकुमार पर कोर्ट ने 05 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। मामला एक जूनियर इंजीनियर के गलत तबादले और उससे जुड़ी विस्तृत जांच रिपोर्ट को अदालत के समक्ष प्रस्तुत न करने से जुड़ा है। जुर्माने का आदेश मिलते ही बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है और चीफ इंजीनियर अब कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रहे हैं। मामले की शुरुआत नवंबर 2025 में हुई, जब लेसा की वर्टिकल व्यवस्था लागू की गई थी। इसी दौरान दुबग्गा निवासी शहजाद अली ने अपनी फर्म मेसर्स एसए के नाम से 20 केवीए क्षमता का औद्योगिक बिजली कनेक्शन लिया। दुबग्गा के तत्कालीन जेई आरके चौधरी ने कागजी प्रक...