प्रमुख संवाददाता, अप्रैल 2 -- कानपुर में किडनी गैंग के डॉक्टरों के चंगुल में फंसे MBA स्टूडेंट आयुष ने अपनी किडनी बेच दी। इसके बाद भी जब रुपए नहीं मिले, तो उसने मामले का पर्दाफाश कर दिया। किडनी निकलने के बाद उसकी तबीयत पूरी तरह सही नहीं है। उसे मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया है। एमबीए की फीस जमा करने के लिए किडनी बेचने वाले देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के एमबीए छात्र आयुष की दोस्त (गर्लफ्रेंड) बुधवार को उससे मिलने पहुंची। पुलिस की सुरक्षा में उसने 10 मिनट की मुलाकात की। उसे देखकर आयुष की आंखों में आंसू आ गए। उसने अपनी गलती मानी।'एक बार बताया भी नही, मैं फीस जमा कर देती' दोस्त ने कहा-किडनी देने का फैसला कर लिया और एक बार भी बताया नहीं। ऐसा क्यों किया..। बताना चाहिए था तो फीस मैं जमा कर देती। उसने आयुष की मां के बारे में भी बताया।...
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