काठमांडू, सितम्बर 1 -- नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ सैकड़ों लोगों की जान नहीं ली है, बल्कि हिमालय में तेजी से बढ़ते एक बड़े खतरे की ओर ध्यान खींचा है- क्या बदलते मौसम और पिघलते ग्लेशियरों के बीच हिमालय में बन रहे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट अब पहले जितने सुरक्षित हैं? नेपाल की ताजा त्रासदी इसका गंभीर उदाहरण है। बाढ़ और मलबे ने रासुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में कई पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। देश की करीब 10 फीसदी बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में सैकड़ों कर्मचारी फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। लेकिन असली चिंता इससे आगे की है। क्योंकि जिस हिमालय में नेपाल की बिजली व्यवस्था टिकी है, उसी पर्वतीय क्षेत्र का बड़ा हिस्सा भारत की नदियों और पनबिजली परियोजनाओं का भी आधार है।हिमालय गर्म...