सिमडेगा, मार्च 31 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि।गर्मी बढ़ते ही जिले में जल संकट ने एक बार फिर सिर उठाना शुरू कर दिया है। हर साल की तरह इस बार भी भूगर्भ जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। जानकारों के अनुसार गर्मी के मौसम में जलस्तर 10 से 12 फीट तक नीचे चला जाता है। जिसका सीधा असर जिले में लगे हजारों चापाकलों पर पड़ता है। नतीजतन अधिकांश चापाकल गर्मी के दिनों में या तो सूख जाते हैं या फिर पर्याप्त पानी नहीं दे पाते। जिले में लगभग 14 हजार चापाकल स्थापित हैं। लेकिन अब बड़ी संख्या चापाकल बेकार होती जा रही है। कई चापाकल पूरी तरह मृत हो चुके हैं। विभाग का दावा है कि 350 चापाकल के खराब होने की शिकायत मिली थी। इनमें से सभी चापाकलों को दुरुस्त कर दिया गया है। जबकि हकिकत में आज के समय पर करीब साढ़े पांच सौ के आसपास चापाकल खराब पड़े हैं। इनकी मरम्मत...
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