आजमगढ़, मार्च 9 -- आजमगढ़। संवाददाता। गर्मी में मूंग की खेती किसानों को संवृद्ध करेगी। कम समय में यह फसल तैयार हो जाती है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की पूर्ण सुविधा है, वहां पर किसान गेहूं, सरसों, चना, मटर, आलू आदि फसल के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती कर लाभ कमा सकते हैं।कृषि विज्ञान केन्द्र लेदौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि ज्यादातर किसान गेहूं की कटाई के उपरांत ग्रीष्मकालीन मूंग की बुआई करते हैं। परंपरागत तरीकों से खेत को तैयार करके फसल बोने में 15 से 20 दिन का समय लगा देते हैं। जिसके फलस्वरूप फसल की कटाई वर्षा आने से पहले नहीं होती है। इस बहुमूल्य समय की बचत करने के लिए जीरो ड्रिल या हैप्पी सीडर का प्रयोग कर खेत में बगैर जुताई किए ग्रीष्मकालीन मूंग की बुआई समय पर आसानी से की जा सकती है। बीज प्रौद्योगिकी वै...
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