गर्मी में पक्के मकान छोड़ फूस और मिट्टी के घरों में रहना पसंद करते हैं ग्रामीण
गया, अप्रैल 26 -- गुरुआ पंचायती के हब्बीपुर और भुइयां बिगहा समेत कई गांवों में महादलित वर्ग के लोग रहते हैं। सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधिकांश परिवारों को पक्के मकान मिल चुके हैं। बावजूद कई परिवार आज भी फूस व मिट्टी के घर बनाकर रह रहे हैं। हब्बीपुर गांव के बालकेश्वर मांझी की पत्नी ने बताया कि उनका परिवार गर्मी के दिनों में ईंट-सीमेंट के मकान में रहने के बजाय फूस व मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है। उनका कहना है कि पक्का मकान दिन में काफी गर्म हो जाता है, जबकि फूस और मिट्टी के घर में ठंडक बनी रहती है। यह भी पढ़ें- झुग्गी झोपड़ियों के रहवर गर्मी से परेशान इसलिए भीषण गर्मी में यह अधिक आरामदायक होता है।ग्रामीणों का भी कहना है कि गर्मी के मौसम में पक्के मकानों की तुलना में फूस व मिट्टी के घर ज्यादा राहत देते हैं। हालांकि, मज...
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