गर्मी में इमोशनल फटीग सिंड्रोम से जूझ रहा हर पांचवां मरीज
बागपत, मई 23 -- बागपत। सुबह उठते ही शरीर टूटा-टूटा लगना, बिना कोई भारी काम किए दिनभर सुस्ती रहना, छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और दिमाग का जल्दी थक जाना। भीषण गर्मी अब सिर्फ शरीर नहीं दिमाग और भावनाओं पर भी असर डाल रही है। बागपत में तेजी से बढ़ती गर्मी और उमस के बीच बड़ी संख्या में लोग ऐसी थकावट महसूस कर रहे हैं, जिसे डॉक्टर इमोशनल फटीग सिंड्रोम मान रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में आने वाला लगभग हर पांचवां मरीज मानसिक और शारीरिक थकावट, बेचैनी, फोकस की कमी और सुस्ती की शिकायत लेकर पहुंच रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक लगातार तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन शरीर से जरूरी मिनरल तेजी से कम कर रहे हैं। इसका सीधा असर दिमाग की सक्रियता और मानसिक संतुलन पर पड़ रहा है। लोग बिना मेहनत किए भी खुद को थका हुआ महसूस कर रहे हैं। कई मरीजों में नींद ...
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