गर्मियों में खेतों की जुताई करें तो कीट रोग नियंत्रण होगा, उत्पादन भी बढ़ेगा
मुरादाबाद, मई 17 -- मुरादाबाद। कृषि विभाग ने किसानों को वर्तमान में खेतों तो जोतने के लिए प्रेरित किया है। वर्तमान समय में छिटपुट वर्षा हो रही है जिसको दृष्टिगत रखते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी डा. राजेन्द्र पाल सिंह ने किसानों को ग्रीष्मकालीन जुताई करने की सलाह दी है। ग्रीष्मकालीन जुताई के लिए यह समय उपयुक्त है। कीट एंव रोग नियंत्रण की आधुनिक विद्या एकीकृत नाशी जीव प्रबन्धक (आईपीएम) के अन्तर्गत भी ग्रीष्मकालीन जुताई को अपनाने पर बल दिया जाता है। रबी फसलों की कटाई के बाद खेत की गहरी जुताई आगामी खरीफ फसलों के लिए अनेक प्रकार से लाभकारी है।ग्रीष्मकालीन जुताई मानसून आने से पूर्व मई-जून महीने मे की जाती है। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मकालीन जुताई का उद्धेश्य एवं उसके लाभ जैसे- मृदा के अन्दर छिपे हुए हानिकारक कीट एंव उनके अण्डे, लार्वा, प्यूपा तथ...
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