गोरखपुर, मई 7 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स, महायोगी गोरक्षनाथ विश्वविद्यालय की मदद से गर्भ संस्कार और प्रीनेटल केयर पर अहम अध्ययन करेगा। इससे यह जानने की कोशिश होगी कि दोनों संस्कारों के जरिए किस तरह से गर्भवतियों को फायदा हो रहा है। इसके लिए गर्भवतियों के दो अलग-अलग समूह बनाए जाएंगे। इसके बाद उनके ब्लड प्रेशर से लेकर शुगर सहित स्ट्रेस की जांच की जाएगी। आयुर्वेद में गर्भ संस्कार का महत्व प्राचीन काल से है। माना जाता है कि मां जो करती है, उसका असर गर्भ में पल रहे शिशु पर होता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भ संस्कार के तहत योग, संगीत, मंत्रों और ध्यान पर विशेष जोर दिया जाता है। इसका असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। इसके अलावा इस संस्कार में सात्विक भोजन, योगासन, प्राणायाम के साथ मां के अच्छे विचार का असर रहता है।

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