गर्भ में पल रहे बच्चे की समय रहते हो बीमारी की पहचान
मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 4 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता गर्भ में पल रहे शिशु की जन्मजात बीमारी या शारीरिक विकृति की समय रहते पहचान हो जाए तो गर्भावस्था की निगरानी और आगे के उपचार की बेहतर योजना बनाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से सोसाइटी ऑफ फेटल मेडिसिन, बिहार चैप्टर की ओर से रविवार को मझाैलिया स्थित एक निजी होटल में मुजफ्फरपुर ऑनसाइट आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य इसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों, रेडियोलॉजिस्ट और भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञों को आधुनिक जांच तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में डॉ. ऐश्वर्या सिंह ने पांच से 10 सप्ताह की गर्भावस्था में आवश्यक जांचों की जानकारी दी। डॉ. प्राची सिंह ने 11 से 14 सप्ताह की स्कैनिंग के मूल दिशा-निर्देश समझाए। डॉ. रुचि गुप्ता ने इसी अवधि में एनटी माप और भ्रूण की ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.