लखनऊ, मई 31 -- गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण गर्भावस्था अवधि के दौरान अब चार की जगह कम से कम छह प्रसव पूर्व (एंटीनोटल चेकअप यानी एएनसी) जांच होंगी। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल ने नई गाइडलाइन जारी की है।

नई गाइडलाइन का महत्व क्वीन मेरी अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल ने बताया कि छह एएनसी सुनिश्चित किए जाने से गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की नियमित व सघन निगरानी संभव हो सकेगी। इससे गर्भावस्था के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताओं की समय रहते पहचान और उनका प्रभावी प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप और भ्रूण के विकास से संबंधित समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित होने से कम वजन वाले नवजात शिशुओं, समय पूर्व जन्म व ...