प्रयागराज, जुलाई 12 -- प्रयागराज। गर्भावस्था के दौरान किडनी की समस्या न केवल गर्भवती महिलाओं के जीवन को जोखिम में डालती है बल्कि शिशु के विकास और जीवित रहने की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं। गर्भावस्था के दौरान होने वाली तीव्र गुर्दा क्षति (एक्यूट किडनी क्षति, एकेआई) वाली महिलाओं में केवल 50 फीसदी बच्चे स्वस्थ पैदा हुए जबकि अन्य में गर्भ के भीतर शिशु की वृद्धि प्रभावित हुई। साथ ही मृत जन्म व नवजात मृत्यु जैसी स्थितियां बनीं। यह तथ्य मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व एसआरएन अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से 'गर्भावस्था में किडनी संकट : दो जिंदगियों पर मंडराता खतरा' विषय पर किए गए अध्ययन सामने आया है। अध्ययन में एमएलएन मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रो. अरविंद गुप्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की कंसल्टेंट डॉ. मोना दुबे, माइक्रोबायोलॉजिस्ट उप...