गोंडा, सितम्बर 20 -- गोण्डा, संवाददाता। गलत खानपान व ठीक से स्वास्थ्य की देखरेख के अभाव में गर्भवती महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) की शिकार हो रहीं हैं। जुलाई माह में मंडल के चारों जिलों में अभियान चलाकर जांच की गई तो 12500 महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त पाई गईं। जिसको लेकर अब महिलाओं में एनीमिया की पहचान और उपचार का स्वास्थ्य विभाग साप्ताहिक निगरानी करेगा। इस कार्य की अब नियमित समीक्षा भी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में मंडल में 4.19 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच कराई गई। इनमें 2.81 लाख यानी 67.30 फीसदी महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया। जांच में 12,500 महिलाएं गंभीर एनीमिया (खून की कमी) से ग्रसित मिलीं। इनमें से 11,654 यानी 93.23 फीसदी महिलाओं को उपचारित भी किया गया । मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक एन...