गर्भवती माता के लिए नौ माह में चार बार प्रसवपूर्व जांच जरूरी
किशनगंज, अप्रैल 26 -- किशनगंज, संवाददाता। गर्भवती महिलाओं की समय समय पर प्रसव पूर्व जांच जरूरी है। प्रसवपूर्व जांच जच्चा बच्चा के सही स्वास्थ्य को सुनिश्चित करता है। जिससे गर्भावस्था संबंधी जोखिम और जटिलताओं से बचाव में मदद मिलती है। प्रसवपूर्व जांच से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान कर उसका सही इलाज किया जाता है। प्रसव पूर्व जांच को एंटी नेटल केयर या एएनसी भी कहते हैं। गर्भावस्था के दौरान मां को होने वाली गंभीर बीमारी का पता लगा कर समय रहते भ्रूण को उस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। प्रसवपूर्व जांच के दौरान गर्भवती में कुपोषण का पता चल पाता है। जिसके बाद उन्हें पोषक आहार संबंधी परामर्श दिया जाता है।गर्भवती की नौ माह में चार प्रसवपूर्व जांच जरूरी:सदर अस्पताल की महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ़ शबनम यासमिन ने बताया कि नियमित प्रसव पूर्व ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.