बहराइच, मई 14 -- बहराइच, संवाददाता। मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से अब जिले की प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम छह प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) सुनिश्चित की जाएगी। पहले चार आवश्यक जांचों का ही प्रावधान था। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर एएनसी जांच मां और शिशु दोनों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। जांचों की संख्या बढ़ने से न केवल हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (उच्च जोखिम वाले गर्भ), एनीमिया, उच्च रक्तचाप और कुपोषण की समय रहते पहचान होगी, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु में होने वाले जन्मजात दोषों का भी आसानी से पता लग जाएगा। यह भी पढ़ें- 40 से कम उम्र की कितने महिलाओं की निकाली बच्चेदानी, स्वास्थ्य विभाग कराएगी जांच पहली एएनसी जांच 12 सप्ताह तक, दूसरी 16 से 20 सप्ताह, तीसरी 24 से 28 सप्ताह, चौथी 28 से...