भोपाल, जुलाई 1 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए गर्भवती पत्नी की हत्या के दोषी को कुछ राहत दी है। कोर्ट ने उसकी जेल की सजा कम कर दी है। कोर्ट ने माना है कि ये हत्या गंभीर और अचानक उकसावे में की गई थी। हत्या तक की गई जब पत्नी ने उससे कहा कि था कि वह उसके जैसे हजार पति रख सकती है। 18 जून को पास किए गए आदेश में जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की बेंच ने कहा कि पत्नी की ये टिप्पणी पति के सम्मान और अहमियत पर की किया गया अप्रत्यक्ष हमला थी जो उसका आपा खोने के लिए काफी था। कोर्ट ने कहा, पत्नी की इस टिप्पणी को गंभीर उकसावा माना जा सकता है क्योंकि इस तरह की बात का मतलब है इंसान या पति के तौर पर उसकी कोई अहमियत नहीं है। घटना 2021 की है जब 18-19 की दरमियानी रात को छिंदवाड़ा के कुलबहेरी नदी के पास किरण की मौत...