मुजफ्फरपुर, सितम्बर 27 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लिए पहुंच रही गर्भवतियों की एचआईवी और सिफलिस जांच नहीं हो रही है। चौथी या इससे अधिक बार एएनसी कराने वाली प्रत्येक गर्भवती की दोनों जांच अनिवार्य है। इसके बावजूद कुढ़नी, मुशहरी, मुरौल समेत कई प्रखंडों में इसकी जांच नहीं कराई जा रही है।समीक्षा में मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। सभी प्रखंडों में गर्भवतियों की एचआईवी और सिफलिस जांच अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान किसी भी संक्रमण की पहचान समय पर करना है। अगर गर्भावस्था के दौरान एचआईवी या सिफलिस की पहचान नहीं होती है तो संक्रमित महिला को समय पर उपचार और चिकित्सकीय सलाह नहीं मिल पाती है। इससे मां से बच्चे ...