लखनऊ, अप्रैल 5 -- आईवीएफ तकनीक से जन्मे बच्चे अपने परिवारों के साथ रविवार को डॉ. गीता खन्ना से मिले। यहां आए परिवारों ने अपने संघर्ष, उम्मीद और सफलता की भावुक कहानियां साझा कीं। आलमबाग के अजंता अस्पताल में आयोजित टेस्ट ट्यूब बेबी मीट में आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि गर्भधारण के लिए 22 से 30 वर्ष की आयु सबसे उपयुक्त मानी जाती है। आज के समय में बांझपन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके पीछे देर से शादी, शादी के बाद बच्चे की देर से प्लानिंग, मानसिक तनाव, अस्वस्थ जीवनशैली, मोटापा व थायरॉइड जैसी समस्याएं और पुरुषों में घटती शुक्राणु गुणवत्ता मुख्य कारण हैं। डॉ. गीता खन्ना ने एआई तकनीक आधारित एम्ब्रियो ग्रेडिंग और सीमेन एनालिसिस की जानकारी दी।
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