नई दिल्ली, फरवरी 9 -- गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के प्रमुख पुराणों में से एक है, जिसमें मृत्यु, मृत्यु के बाद की यात्रा, आत्मा की गति और अंतिम संस्कार के नियमों का विस्तार से वर्णन है। इस पुराण में बताया गया है कि मृत्यु के बाद शव को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसा करने से आत्मा को कष्ट हो सकता है और परिवार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद शरीर और आत्मा के बीच एक विशेष संबंध रहता है, जो अंतिम संस्कार तक बना रहता है। शव को अकेला छोड़ने के पीछे कई धार्मिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक कारण हैं। आइए इन कारणों को विस्तार से समझते हैं।शव को अकेला छोड़ने से सुरक्षा का खतरा गरुड़ पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि मृत्यु के बाद शव को बिना निगरानी के छोड़ देना उचित नहीं है। शव पर कीड़े-मकोड़े, चींटियां, म...