नई दिल्ली, फरवरी 15 -- गरुड़ पुराण में मृत्यु को अचानक घटित होने वाली घटना नहीं, बल्कि एक क्रमबद्ध प्रक्रिया बताया गया है। मृत्यु से पहले व्यक्ति को कई संकेत और अनुभव मिलते हैं, जो उसके पिछले कर्मों का दर्पण होते हैं। ये संकेत शरीर, मन और आत्मा के स्तर पर प्रकट होते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, जब प्राण शरीर छोड़ने वाला होता है, तो पहले व्यक्ति के कर्मों का चलचित्र उसके सामने आता है। फिर कई तरह के दृश्य, परछाइयां, पूर्वजों के दर्शन और यमदूतों का आगमन होता है। ये संकेत व्यक्ति को अंतिम समय की तैयारी का संदेश देते हैं। आइए जानते हैं गरुड़ पुराण में वर्णित मुख्य संकेत।कर्मों का चलचित्र दिखाई देना गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु से ठीक पहले व्यक्ति को अपने जीवन के सभी कर्म चलचित्र की तरह दिखाई देने लगते हैं। अच्छे कर्मों के दर्शन से उसे संतोष और...
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