नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- हिंदू धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक कई संस्कार निभाए जाते हैं। मृत्यु के बाद आत्मा की शांति के लिए कई परंपराएं निभाई जाती है। 13 दिनों तक कई क्रियाएं की जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में एक है सिर मुंडवाना। हिंदू परिवार में घर-परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होती है तो परिवार के पुरुष सदस्य सिर मुंडवाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर मृत्यु के बाद सिर क्यों मुंडवाया जाता है। गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद पुरुष सदस्यों के सिर मुंडवाने के कारण और महत्व के बारे में बताया गया है।मोह से मुक्ति का प्रतीक मान्यता है कि मृत्यु के बाद आत्मा अपने परिवार और प्रियजनों से तुरंत अलग नहीं हो पाती। उसका मोह बना रहता है और वह विशेष रूप से उन लोगों के आसपास रहती है, जो अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं। ऐसे में सिर मुंडवाना एक तरह...