नवादा, अप्रैल 26 -- ​वैशाख की चिलचिलाती धूप और 42 डिग्री के आसपास रहे पारे ने तो सम्पन्न लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। ऐसे में शहर के पम्पुकल चौक के समीप समेत मिर्जापुर व स्टेडियम रोड दलित टोली तथा लूटनबिगहा स्थित मलिन बस्ती में दोपहर होते ही उनके टीन और प्लास्टिक आदि से बने घर भट्ठी जैसा तपने लग जा रहे हैं। इन दलित बस्तियों में रहने वाले अधिकांश परिवार प्लास्टिक की पन्नी, फटे पुराने बोरे या लोहे की चद्दरों (टीन) के नीचे गुजर-बसर करते हैं। इन बस्तियों में सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। अधिकांश सरकारी चापाकल सूख चुके हैं या उनसे बेहद गंदा पानी निकल रहा है। यह भी पढ़ें- लालगंज : हाथ वाला पंखा झेलकर व्यतीत कर रहे हैं जीवन नगर परिषद के टैंकरों की कोई सेवा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इस कारण महिलाओं को एकाध सही काम कर रहे चापाकल पर तपती ...