गरीबी और ऊपर से सेना का अत्याचार, कैसे पाकिस्तान के हाथ से निकलता जा रहा PoK
नई दिल्ली, अगस्त 3 -- पीओके में हाल के दिनों में हुई झड़प पाकिस्तान की प्रशासनिक व्यवस्था के अचानक विफल होने का परिणाम नहीं हैं, बल्कि उस आर्थिक संकट और दमन के कारण भड़का विरोध है, जिसे यहां की राजनीतिक ताकतें लगातार नियंत्रित करती रही हैं। यह दावा अमेरिका की पत्रिका जैकोबिन में प्रकाशित एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीओके को राजनीतिक रूप से स्वायत्त क्षेत्र के रूप में पेश किया जाता है और इसे औपचारिक रूप से पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बताया जाता, लेकिन वास्तविकता में वहां की स्वायत्तता केवल दिखावटी है। पत्रिका में कहा गया, जब भी वहां के लोग वास्तविक लोकतंत्र और अधिकारों की मांग करते हैं, तो इस्लामाबाद दमन और बल प्रयोग का सहारा लेता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीओके में चुनावी प्रक्रिया भी निष्पक्ष नहीं है। खासकर आरक्षित सी...
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