गरमा जुताई से किसान सूखे के असर को कर सकते हैं कम: अटल बिहारी
गुमला, मई 18 -- गुमला संवाददाता । बदलते मौसम और अनियमित बारिश को देखते हुए किसानों के लिए गरमा जुताई काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र गुमला के वैज्ञानिक अटल बिहारी तिवारी ने कहा कि किसान अगर खरीफ फसल से पहले गर्मी के मौसम में खेतों की गहरी जुताई करें तो सूखे के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून के बीच तेज धूप में मिट्टी पलटने वाले हल या ट्रैक्टर से गहरी जुताई करने से मिट्टी में छिपे कीट,रोगजनक और खरपतवार के बीज नष्ट हो जाते हैं। इससे फसल में रोग कम लगते हैं और दवाओं पर खर्च भी घटता है। यह भी पढ़ें- मिट्टी की सेहत में होता है गर्मियों की जुताई से सुधार उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी भुरभुरी बनती है, पानी रोकने की क्षमता बढ़ती है और खेत में नमी लंबे समय तक बनी रहती है। कृषि वैज्ञानिक तिवारी...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.