गया, जून 13 -- गया जी जिले के खिजरसराय प्रखंड के मकसुदपुरगढ़ स्थित नलिनी सिंह महल में संरक्षित लगभग 700 वर्ष पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां मिलीं हैं। प्रारंभिक देवनागरी लिपि में लिखी गई इन पांडुलिपियों को भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर माना जा रहा है। इनकी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की 'ज्ञान भारतम्' परियोजना के तहत इनके संरक्षण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह भी पढ़ें- गया जी में मिलीं 700 वर्ष पुरानी देवनागरी लिपि की दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियांविशेषज्ञों की टीम द्वारा सर्वेक्षण विशेषज्ञों की एक टीम शुक्रवार को मकसुदपुरगढ़ पहुंची और महल में संरक्षित पांडुलिपियों का विस्तृत सर्वेक्षण किया। टीम ने पांडुलिपियों की स्थिति, लेखन शैली, लिपि, कागज और संरक्षण की वर्तमान...