बहराइच, मार्च 9 -- बहराइच, संवाददाता। अमीर उल मोमनीन हजरत अली(अलै.) के सिर पर तलवार से वार किए जाने की याद में सोमवार को शिया जामा मस्जिद मोहल्ला सैय्यदबाड़ा से शबीहे ताबूत का जुलूस निकाला गया। जुलूस निकालने से पूर्व एक मजलिस हुई जिसको मौलाना फरहत हुसैन ने खिताब किया। उन्होंने कहा कि हजरत अली का इंसाफ आज दुनिया को ताकत दे रहा है। मजलिस का समापन होने पल शबीहे ताबूत मौलाना कायनात बरामद हुआ। जो अपने पुराने रास्तों में होता हुआ सगीर इमाम रिजवी सर्वर के घर पर पहुंच कर समाप्त हुआ। जुलूस में शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहने चल रहे थे। जुलूस में शामिल लोग नौहा व मातम करते हुए चल रहे थे। नौहे की यह पंक्तियां नाला है जिब्राइल का खालिक दुहाई है, सजदे में तेरे शेर ने तलवार खाई है.. पढ़ रहे थे। यह पक्तियां लोगों के दिलों को गमगीन कर रही थीं। जुलूस म...
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