फतेहपुर, जून 8 -- फतेहपुर। सरकंडी और ललौली जैसी बड़ी पंचायतों में घोटाला की खुली पोल के बाद से अन्य पंचायतों में भी दाग लगा है। पिछले पांच वर्षों में बरती गई अनियमितताओं को लेकर सवाल खड़े हुए थे। प्रकरण में अफसरों से शिकायत के बाद भी जांच न किया जाना और गांव पहुंचकर जांच के नाम पर खानापूर्ति करने की शिकायत डीएम से किया है। अमौली ब्लॉक की सिकंदरपुर पंचायत के धनंजय समेत ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के कार्यकाल के दौरान अनियमितता बरती गई। बताया कि पिछले वर्ष दी शिकायत के बावजूद मनरेगा के लोकपाल के द्वारा कोई जांच नहीं की गई। यह भी पढ़ें- कोर्राकनक में नाला निर्माण पर उठे सवाल, जांच की मांग पूर्व में लोकपाल दो दफा जांच के लिए पहुंचे तो थे लेकिन बगैर जांच के ही वापस लौट गए थे। आरोप लगाया कि जानबूझकर जांच को ...