मेरठ, मई 2 -- भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम में गन्ने के साथ मूंगफली की सहफसली खेती पर किया गया वैज्ञानिक परीक्षण सफल रहा। इस नवाचार को तिलहन उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान, जूनागढ़ के निदेशक डॉ. एसके बेरा ने संस्थान का दौरा कर शोध कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निदेशक डॉ. सुनील कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रघुवीर सिंह और डॉ. राघवेंद्र के.जे. के साथ मिलकर खेतों में चल रहे परीक्षणों का निरीक्षण किया। डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ना प्रमुख फसल है, ऐसे में उसके साथ मूंगफली की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकती है। मूंगफली दलहनी फसल होने के कारण मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है, जिससे भूमि की सेहत में सुधार ...