सीतामढ़ी, मई 7 -- सीतामढ़ी। केन्द्र की एनडीए सरकार ने 2026-27 पेराई सत्र के लिए गन्ना के उचित व लाभकारी मूल्य में 10 रुपया क्विंटल की वृद्धि किसानों के साथ बड़ा धोखा और विश्वासघात है। गन्ना के एफआरपी घोषणा पर बिहार राज्य गन्ना किसान मोर्चा के महासचिव डॉ. आनन्द, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जलंधर यदुवंशी व अवधेश, जिला सचिव अश्विनी कुमार ने कहा कि एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुना करने व स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश कृषि उपज का ड्योढा कीमत देने का वादा करती है पर बढ़ती मंहगाई के बाबजूद कीमत की घोषणा में कमी हो जा रही है। पिछले 2024-25 सत्र में 20 रुपये, 2025-26 में 15 रुपये व 26-27 के लिए 10 रुपया क्विंटल की वृद्धि से किसानों का जीवन यापन कैसे होगा। यह भी पढ़ें- गन्ना मूल्य 700 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की गन्ना का जमीनी लागत करीब सात सौ रूप...
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