अमरोहा, मई 4 -- मई से जून माह गन्ने की फसल के लिए कीट प्रबंधन की दृष्टि से संवेदनशील है। इन दिनों अंकुर बेधक और चोटी बेधक कीटों की पहली पीढी सक्रिय होती है। समय रहते नियंत्रण न होने पर यह फसल की पैदावार को भारी हानि पहुंचा सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को जागरूक किया है कि वह मई से जून के मध्य शस्य कियाएं अपनाकर अपनी गन्ने की फसल का उचित प्रबंधन कर संभावित हानि से बचाव कर सकते हैं। कीटों के लक्षण और प्रभाव यह भी पढ़ें- मक्का का गब्बा खा रहा धड़छेदक, सब्जियों को चूस रही सफेद मक्खीकीटों के लक्षण और प्रभाव कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इन कीटों की सूंडी गन्ना फसल की कोमल पत्तियों (गोफ) को खाती है, जिससे पौधों का मध्य भाग सूख जाता है। इसे डेड हार्ट कहा जाता है। प्रभावित भाग को खींचने पर वह आसानी से निकल आ...
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