गन्ने की खेती के विकल्प और रेस्क्यू सिस्टम की मजबूती पर जोर
लखीमपुरखीरी, जून 16 -- उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष: चुनौतियां और भावी रणनीति विषय पर आयोजित एक कार्यशाला में तराई क्षेत्र में बढ़ते संकट से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। मुख्य अतिथि वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने इस बात पर जोर दिया कि इंसानी आबादी में इजाफा और खेती के विस्तार ने वन्यजीवों के आवासों पर गंभीर रूप से अतिक्रमण किया है। गन्ने के खेतों में आश्रय लेने वाले तेंदुओं और बाघों के विशिष्ट खतरे को रेखांकित करते हुए सक्सेना ने कहा कि गन्ने का खेत उनका जंगल बन गया है, जहां वे प्रजनन करते हैं और शिकार तलाशते हैं। उन्होंने सह-अस्तित्व की राह खोजने की जरूरत बताई। दुधवा में आयोजित कार्यशाला के पहले सत्र के दौरान अन्य जनप्रतिनिधियों ने जमीनी स्तर के महत्वपूर्ण बिंदु उठाए। जंगल क्षेत्र से...
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