संभल, अप्रैल 17 -- जनपद में मार्च माह में बोई गई गन्ने की फसल अब अंकुरित होकर तेजी से विकास की ओर बढ़ रही है। खेतों में हरियाली लौट आई है और पौधों से कल्ले (नई शाखाएं) निकलने लगे हैं। लेकिन इसी महत्वपूर्ण अवस्था में अंकुर छेदक और तना छेदक कीटों ने फसल पर हमला कर दिया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय गन्ने की फसल पर कीटों की पहली पीढ़ी सक्रिय हो चुकी है। अंकुर छेदक कीट छोटे-छोटे पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि तना छेदक कीट पौधे के अंदर प्रवेश कर उसे खोखला कर देते हैं। यह भी पढ़ें- एडवाइजरी : फफूंद रोग से ग्रीष्मकालीन बाजरे की फसल को बचाएं किसान इससे पौधा सूखने लगता है और फसल की बढ़वार रुक जाती है, जिसे "डेड हार्ट" की समस्या भी कहा जाता है।ऐसे पहचानें कीटों का प्रकोपसंभल। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष...