गधों ने कर दिया कमाल, 44 साल में बदल डाली रेगिस्तान की तस्वीर; लौट आई हरियाली
नई दिल्ली, सितम्बर 12 -- गधों को लेकर जितनी तरह का कहावतें प्रचलित हैं उनसे लगता है कि यह दुनिया के बहुत ही सुस्त और अनुपयोगी जीव है। हालांकि गधे हमेशा से ही इंसानों के लिए उपयोगी रहे हैं। बोझा ढोने के लिए ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी गधों के अंदर अद्वितीय क्षमता होती है। सबसे बड़ी बात यह ऐसा जीव है जिसमें खूब सहनशक्ति और धैर्य होता है। रेमन क्रेटर के रेगिस्तान में तो 28 जंगली गधों ने ऐसा कमाल किया कि रेत में भी हलियाली लौट आई। आज यहां 500 से 600 गधे कुलाचे भर रहे हैं। जरूरत के हिसाब से गधों का शरीर भी परिवर्तित हो गया। आज ये गधे देखने मे छोटे-छोटे घोड़ों की तरह नजर आते हैं।ईरान से मंगवाए गए गधे लगभग 44 साल पहले इजरायल ने नेगेव रेगिस्तान में ईरानी और अफ्रीकी नस्ल के जंगली गधों को छोड़ा था। दरअसल 20 शताब्दी में शिकार की वजह से यहा...
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