नई दिल्ली, अक्टूबर 22 -- जेबरा को देखते ही जहन में घोड़े जैसे जानवर का ख्याल आता है। लेकिन एक सवाल अकसर जहन में आता है कि इंसान इनका इस्तेमाल घोड़े और गधे की तरह क्यों नहीं कर सका? घोड़े और गधों को जहां सामान ढोने, सवारी और परिवहन, गश्त वगैरह कामों में प्रयोग किया जा रहा है, वहां जेबरा केवल जंगली जीवन तक ही सीमित है। इंसान इन्हें घोड़े और गधों की तरह ट्रेन्ड नहीं कर सका। आईएफएस अफसर हिमांशु त्यागी ने बेहद दिलचस्प अंदाज से इसके पीछे की वजह बताई है। हिमांशु अकसर वाइल्ड लाइफ को लेकर काफी दिलचस्प बातें सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। आईएफएस अफसर हिमांशु त्यागी ने एक्स पर कहा, 'अपने रिलेटिव्स जैसे घोड़ों और गधों के उलट जेबरा को कभी भी पूरी तरह से पालतू नहीं बनाया जा सका है। इंसानों ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कभी भी इनका बड़े पैमाने पर इ...