नई दिल्ली, सितम्बर 13 -- गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ने वाले इस त्योहार पर घर-घर गणपति की पूजा होती है। बता दें कि इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026, दिन सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं भी हैं, जिनमें चंद्रमा के दर्शन नहीं करने की परंपरा प्रमुख है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी के भी नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं कलंक चतुर्थी के पीछे की धार्मिक मान्यता।गणेशजी ने चंद्रमा को क्यों दिया था शाप? पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान गणेश हाथ में लड्डू लेकर मूषक पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे रास्ते में गिर पड़े। चंद्रदेव ने गणेश जी को इस तरह गिरते देखा, तो वे हंसने लगे। ...