बागपत, दिसम्बर 21 -- गणित को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ दिया गया है। अब बच्चों को गणित करने में मजा आने लगा है। अब गणित जैसा कठिन विषय बच्चों को डराता नहीं है बल्कि अब बच्चे गणित विषय में ही ज्यादा अंक प्राप्त कर रहे हैं। इसके लिए स्कूल भी बोर्ड परीक्षा आरटीओ के लिए गणित विषय पर ही ज्यादा फोकस करते हैं। रोजमर्रा के अभ्यास में आने के बाद अब ये गणित विषय में इस कदर पारंगत हो चले हैं कि बच्चों को पढ़ाते समय इन्हें किताब नहीं उठानी पड़ती। किस पेज पर कौन सा अध्याय है और कौन सवाल किस पेज है, यह सब इनके जेहन में उतर चुका है। सवालों को घटाने, जोड़ने से संबंधित एक तर्क पर बात करते हुए प्रशांत का कहना है कि एक पेड़ पर छह तोते थे, तीन उड़ गए कितने बचे, इस तरह का तरीका अमूमन बच्चों से घटाने के सवालों के दौरान अपनाया जाता है, लेकिन आज के समय में बच्चे ज्याद...