नई दिल्ली, सितम्बर 15 -- गणेशोत्सव के दौरान जब चारों ओर 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे गूंजते हैं, तो मन में भक्ति का भाव अपने आप जाग उठता है। 'गणपति' और 'बप्पा' शब्द तो भगवान गणेश के लिए हैं, लेकिन 'मोरया' शब्द आखिर कहां से आया? दरअसल, इसके पीछे भगवान गणेश के एक ऐसे भक्त की कथा जुड़ी है, जिनका पूरा जीवन गणपति की भक्ति में बीता। मोरया गोसावी का नाम महाराष्ट्र की गणेश भक्ति परंपरा में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी भक्ति की कहानी चिंचवड़ और मोरगांव के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों से भी जुड़ी हुई है।कौन थे मोरया गोसावी? मोरया गोसावी को भगवान गणेश का परम भक्त माना जाता है। मान्यता है कि करीब 14वीं शताब्दी में मोरया गोसावी के जीवन का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र के चिंचवड़ क्षेत्र में बीता। गणपति की पूजा और साधना ही उनके जीवन का मुख्य आधार थी। उस सम...