गणतंत्र के 75 वर्ष बाद भी भारत के सामने आंतरिक एवं बाहरी चुनौतियाँ- डॉ तीर्थ
रुडकी, जुलाई 25 -- धनौरी, संवाददाता। धनौरी के पीजी कॉलेज में गणतंत्र के 75 वर्ष में उपलब्धियों और चुनौतियों पर चल रही दो दिवसीय गोष्ठी का समापन हो गया। मुख्य वक्ता डॉ. तीर्थ प्रकाश ने भारतीय राजनीतिक चिंतन की परंपरा पर कहा कि आजादी के 75 वर्ष के बाद भी हमारे सामने कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियां हैं, इन चुनौतियां का समाधान राष्ट्र को सर्वोपरि रखकर ही किया जा सकता है। भीष्म पितामह भारतीय परंपरा के ऐसे महान राजनीतिक चिंतक थे। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, शासन व्यवस्था तथा राष्ट्र निर्माण में भारतीय चिंतन की प्रासंगिकता को समझाया था।
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