उन्नाव, दिसम्बर 28 -- जिले का एकमात्र स्पोर्ट्स स्टेडियम जहां बचपन के सपनों को पंख लगते हैं और युवा प्रतिभाएं चमकती हैं। आज अपने ही बच्चों के लिए मुश्किलों का सबब बनता जा रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गड्ढों से भरी ट्रैक, अधूरी निर्माण सामग्री और आसपास की अराजकता खिलाड़ियों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर रही है। महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा के सवाल और बारिश में बाधित प्रैक्टिस के दृश्य बताते हैं कि यहां के सपनों को पंख लगाने के लिए और बहुत काम करना बाकी है उन्नाव, संवाददाता। जिले का एकमात्र स्पोर्ट्स स्टेडियम जहां युवा खिलाड़ियों के सपने पंख फैलाने को तैयार हैं। यह आज भी अधूरे निर्माण और अव्यवस्थाओं की मार झेल रहा है। शासन ने बच्चों के खेलों के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए 11.29 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। नए साल के साथ यह ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.