बरेली, जुलाई 24 -- चुनाव में देरी को देखते हुए शासन ने प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बना दिया था। पहली बार प्रशासक बनाए जाने के कारण अभी तक कार्रवाई के विषय में कोई गाइडलाइन नहीं थी। अब शासन ने आदेश जारी कर दिया है। इसमें साफ है कि किसी गड़बड़ी में फंसने पर अब प्रशासक को सीधे बर्खास्त कर एडीओ पंचायत को चार्ज दे दिया जाएगा। सामान्य पंचायत निर्वाचन 2021 के बाद गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो गया था। चुनाव में देरी के चलते प्रधानों को ही प्रशासक बना दिया गया था। इन पर कार्रवाई के लिए अब गाइडलाइन जारी हो गई है। अभी तक यदि प्रधान किसी गड़बड़ी में फंसते तो उनके वित्तीय अधिकार सीज किए जाते थे।

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