धनबाद, मार्च 29 -- बीबीएमकेयू धनबाद के उर्दू विभाग में शनिवार को शैक्षणिक एवं साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। रांची विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मंजर हुसैन ने उर्दू गजल का इर्तिकाई सफर: इब्तिदा ता हाल (उर्दू गजल का विकास: शुरुआत से अब तक) विषय पर अपनी बात रखी। प्रो. मंजर हुसैन ने उर्दू गजल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसके शिल्प और विषयों में आने वाले बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने वली दकनी से लेकर वर्तमान दौर के कवियों के कलाम का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि गजल ने हर युग की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को अपने भीतर बहुत खूबसूरती से समाहित किया है। यही इसकी लोकप्रियता का असली रहस्य है। गजल केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं बल्कि मानवीय चेतना को जगाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी रही है।बीबीएमकेयू कुलपति डॉ ...