जमशेदपुर, अक्टूबर 16 -- नई शिक्षा नीति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल को विशेष महत्व दिया गया है। सरकार पढ़ाई के साथ खेल को भी प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधा का अभाव इस दिशा में बड़ी बाधा बन गया है। विद्यार्थियों में स्पोर्ट्स स्किल निखारने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। करोड़ों की लागत से स्पोर्ट्स किट स्कूलों में बांटी गई हैं, मगर उनका उपयोग नहीं हो पा रहा। स्कूलों में न तो खेल का मैदान है, न ही खेल शिक्षक। इस बार झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सीधे स्कूलों को किट उपलब्ध कराई है, लेकिन बिना मैदान वाले इन स्कूलों में यह सामग्री बिना उपयोग के पड़ी है। कई स्कूलों में मैदान तो है, लेकिन बाउंड्री वॉल नहीं होने से वहां सामाजिक तत्वों का जमावड़ा और अतिक्रमण हो चुका है। ऐसे में खेल प्...
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